सीसीटीवी नेटवर्क विस्तार और निजी सुरक्षा व्यवस्था पर दें विशेष जोर – दीपमाला कश्यप
सीसीटीवी नेटवर्क विस्तार और निजी सुरक्षा व्यवस्था पर दें विशेष जोर – दीपमाला कश्यप
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर – पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) श्रीमती दीपमाला कश्यप द्वारा आज उरला औद्योगिक क्षेत्र के उद्योग संगठनों के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक ली गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र में अपराधों की रोकथाम , सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना तथा पुलिस एवं उद्योग संगठनों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।
अपराधियों की पहचान और त्वरित विवेचना पर फोकस
बैठक के दौरान पुलिस उपायुक्त ने औद्योगिक क्षेत्र में घटित होने वाली चोरी , नकबजनी एवं अन्य आपराधिक घटनाओं की प्रभावी रोकथाम के लिये अपराधियों की शीघ्र पहचान एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना पर विशेष फोकस करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक एवं डिजिटाइजेशन के माध्यम से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।
बैठक के मुख्य बिंदु और दिशा-निर्देश:
व्यापक CCTV नेटवर्क का विस्तार:
बैठक में औद्योगिक क्षेत्र में व्यापक स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने पर विशेष जोर दिया गया। उद्योग संगठनों से अपील की गई कि औद्योगिक क्षेत्र के सभी प्रमुख प्रवेश एवं निकास मार्ग पर उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगाये जाएये , जिससे क्षेत्र में आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की प्रभावी निगरानी की जा सके।
ब्लैक स्पॉट्स का चिन्हांकन:
इसके साथ ही ऐसे ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने पर चर्चा की गई , जहां पूर्व में अधिक संख्या में आपराधिक घटनायें घटित हुई हैं। बताया गया कि कई मामलों में घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध नहीं होने के कारण आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी में पुलिस को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति को देखते हुये पुलिस उपायुक्त ने उद्योग संगठनों से जनसहयोग के माध्यम से इन संवेदनशील स्थानों पर शीघ्र सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराने की अपील की।
कॉन्ट्रैक्ट लेबर एवं श्रमिकों का पुलिस सत्यापन:
बैठक में औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न राज्यों से आये कॉन्ट्रैक्ट लेबर एवं श्रमिकों के अनिवार्य पुलिस सत्यापन पर भी विशेष बल दिया गया। सभी उद्योगों एवं कंपनियों से कहा गया कि वे अभियान चलाकर एवं विशेष शिविर आयोजित कर अपने यहां कार्यरत श्रमिकों का सत्यापन करायें , जिससे किसी भी आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति की समय रहते पहचान की जा सके। उद्योग संगठनों से यह भी कहा गया कि वे अपने यहां कार्यरत लेबर ठेकेदारों की अद्यतन सूची तैयार रखें तथा समय-समय पर ठेकेदारों के साथ बैठक आयोजित कर श्रमिकों के सत्यापन एवं संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को उपलब्ध करायें।
प्राइवेट सुरक्षा गार्डों का पुलिस के साथ समन्वय:
कंपनियों में कार्यरत प्राइवेट सुरक्षा गार्डों की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया। इस संबंध में सभी उद्योगों को निर्देशित किया गया कि वे अपने सुरक्षा गार्डों की नियमित बैठक आयोजित करें तथा पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुये सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनायें। सुरक्षा गार्डों को संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने तथा चोरी एवं अन्य आपराधिक घटनाओं की रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया गया।
संयुक्त प्रयास से बनेगा अपराधमुक्त औद्योगिक क्षेत्र
पुलिस उपायुक्त ने उद्योग संगठनों से अपील करते हुये कहा कि पुलिस एवं उद्योगों के संयुक्त प्रयास , आधुनिक तकनीक के उपयोग , सीसीटीवी नेटवर्क के विस्तार , प्रभावी लेबर वेरिफिकेशन तथा जनसहयोग के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्र को सुरक्षित एवं अपराधमुक्त बनाया जा सकता है।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) आदित्य पाण्डेय , थाना प्रभारी उरला निरीक्षक रोहित मालेकर सहित उरला औद्योगिक क्षेत्र के विभिन्न उद्योगों एवं संगठन के अध्यक्ष आश्विन गर्ग , नीरज अग्रवाल एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
