जनता का विश्वास बढ़ाना प्राथमिकता – एसपी विजय पाण्डेय
कोतवाली थाना के वार्षिक निरीक्षण में एसपी ने दिये कई अतिआवश्यक निर्देश
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
जांजगीर चाम्पा – जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) ने आज थाना कोतवाली जांजगीर का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाने की कार्यप्रणाली , अभिलेखों के संधारण , सीसीटीएनएस व्यवस्था , मालखाना , शस्त्रागार , लंबित प्रकरणों तथा पुलिसिंग व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।
पुलिस अधीक्षक ने सबसे पहले परेड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने थाना स्टाफ से पुलिस कार्यप्रणाली , थाना क्षेत्र के गुंडा , निगरानीशुदा एवं आदतन बदमाशों की गतिविधियों , लंबित प्रकरणों तथा क्षेत्र में संचालित अन्य आपराधिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली। पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर उनकी जानकारी और कार्यकुशलता का परीक्षण भी किया। संतोषजनक एवं सटीक उत्तर देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुये उन्हें मौके पर ही उचित पुरस्कार प्रदान करने के निर्देश दिये।
निरीक्षण के दौरान एसपी पाण्डेय ने सीसीटीएनएस ऑपरेटर से डेटा एंट्री और रिकॉर्ड अपडेट की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सीसीटीएनएस आधुनिक और डिजिटल पुलिसिंग की रीढ़ है , इसमें किसी भी प्रकार की पेंडेंसी नहीं होनी चाहिये। एफआईआर से लेकर चालान तक प्रत्येक कार्यवाही ऑनलाइन अपडेट रहे , ताकि प्रकरणों की निगरानी प्रभावी ढंग से हो सके और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का संबंध जितना मजबूत होगा , कानून व्यवस्था उतनी ही प्रभावी होगी। बेहतर पुलिसिंग , तकनीक का सही उपयोग और निष्पक्ष कार्यवाही से ही आमजन का भरोसा बढ़ाया जा सकता है।
प्रत्येक पुलिसकर्मी जनता के साथ मित्रवत एवं संवेदनशील व्यवहार करे। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना परिसर , अभिलेखों एवं लंबित अपराधों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर उन्होंने थाने के सभी विवेचकों से भेंट कर विभिन्न प्रकरणों की विवेचना प्रगति की जानकारी ली समीक्षा के दौरान गंभीर , संवेदनशील एवं लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण पर विशेष बल दिया गया।
विवेचकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण में साक्ष्यों का वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत संकलन सुनिश्चित किया जाये तथा फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिये प्रभावी कार्यवाही की जाये। उन्होंने महिलाओं , बच्चों एवं कमजोर वर्गों से संबंधित अपराधों की विवेचना को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने , न्यायालयीन कार्यवाही को मजबूत बनाने तथा अपराधों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण हेतु आवश्यक दिशा- निर्देश प्रदान किये।
