रायपुर प्रेस क्लब चुनाव, पुराने और वरिष्ठ पत्रकार हुए दूर
रायपुर प्रेस क्लब चुनाव, पुराने और वरिष्ठ पत्रकार हुए दूर
चुनाव के हुए निर्देश तो जोड़ दिए नए वोटर, रातों-रात जुड़े 353 सदस्य
चुनाव जीतने तुरुप की चाल, नए और अपने समर्थक सदस्यों को ही सूची में जोड़ा गया
रातों-रात जुड़ गए 353 सदस्य प्रेस क्लब के सदस्य हुए 1015
आधे से ज्यादा वरिष्ठ पत्रकार प्रफुल्ल ठाकुर के हठिले व्यवहार से प्रेस क्लब आना छोड़ा, ऐसे में प्रेस क्लब की मान्यता और लोकप्रियता का पैमाना क्या
प्रफुल्ल ठाकुर की हठधर्मिता के चलते कई समाचार पत्र के समूह के वरिष्ठ सदस्यों को भी सदस्यता सूची में शामिल नहीं किया
रायपुर (जसेरि)। प्रेस क्लब का चुनाव दिलचस्प मोड़ पर आ गया है। फार्म एवं रजिस्टार सोसायटी द्वारा प्रेस क्लब को 60 दिनों में चुनाव कराने के निर्देश दिए थे लेकिन निर्देशों को धत्ता बताते हुए मौजूदा कार्यकारिणी ने आनन-फानन में 353 नए सदस्यों को जोड़ दिया है। देर रात प्रेस क्लब द्वारा जारी की गई मतदाता सूची में पिछले बार के 787 सदस्यों में से 125 सदस्य का नाम हटाया गया है, वहीं 353 नए नाम जोडक़र नई मतदाता सूची एन चुनाव के पहले जारी कर दी है।
अब नई सूची के हिसाब से 1015लोग प्रेस क्लब के सदस्य होंगे। इन सदस्यों को 26 तारीख से सदस्यता शुल्क 1000 रु जमा करने होंगे। प्रफुल्ल ठाकुर का पक्ष जानने के लिए हमारे संवाददाता ने उनको फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
क्या कहता है पंजीयक का आदेश ?
पंजीयन सोसायटी के पास मौजूद कार्यकारिणी के खिलाफ संविधान संशोधन की प्रक्रिया का पालन नहीं करना, कार्यकाल पूरे होने के बाद नए सदस्य बनाने की प्रक्रिया करना और दुर्भावना पूर्वक कई पूर्व सदस्यों के नाम काटे जाने जैसी शिकायत की गई थी। इन शिकायतों की सुनवाई के बाद पंजीयन ने 16 सितंबर को अपने आदेश क्रमांक 1269 में प्रेस क्लब के संविधान संशोधन की प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण माना था और इसीलिए संविधान संशोधन को खारिज कर दिया था।
काबिज कार्यकारिणी की तुरुप की चाल
रायपुर प्रेस क्लब में काबिज वर्तमान अध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर और उनकी कार्यकारिणी ने पंजीयक के निर्देशों को अनदेखा करते हुए एन चुनाव के पहले नई सदस्यता अनुमोदित कर दी है। इसमें जहां पुराने 125 सदस्य कट गए हैं, वहीं 353 नए सदस्य जोड़ गए हैं। इस तरह अब प्रेस क्लब के संभावित चुनाव में नए और पुराने सदस्य मिलाकर कुल 1015 सदस्य मतदाता होंगे। चलते चुनावी प्रक्रिया में नई सदस्यता बनाकर मौजूदा कार्यकारिणी ने अपने वोट बैंक को मजबूत करने की तुरुप की चाल चल दी है।
नई सदस्यता से गड़बड़ाएगा समीकरण
पंजीयक के निर्देश के बाद पुरानी सदस्यता सूची में चुनाव के स्पष्ट निर्देश थे, लेकिन चुनावी समीकरण मौजूदा कार्यकारिणी के खिलाफ बन रहा था और इसीलिए पंजीयन के आदेश के बाद आनन-फानन में सदस्यता की नई सूची जारी कर दी गई है। नए सदस्यों में मासिक पत्रिकाओं के साथ न्यूज़ पोर्टल, यूट्यूब और एडवरटाइजिंग-मार्केटिंग डिपार्टमेंट के कर्मियों को शामिल किया गया है। मौजूदा कार्यकारिणी अब नई सदस्यता से चुनाव कराने की बात कह रही है।
नियम क्या कहते हैं?
पंजीयन फार्म एवं सोसायटी के अंतर्गत पंजीकृत संस्थाएं पंजीयन का निर्देश बाध्यकारी है। ऐसे में 60 दिनों के अंतर्गत चुनाव कराने के निर्देश पर प्रेस क्लब को चुनाव प्रक्रिया के संबंध में कदम उठाने थे लेकिन प्रेस क्लब ने नए सदस्य बनाकर चुनाव के पहले वोट बैंक पॉलिटिक्स शुरू कर दी है। ऐसे में नए सदस्यों को जोड़े जाने के फैसला को पंजीयक के निर्देश का उल्लंघन है। दूसरा पक्ष इस मामले में फिर एक बार पंजीयक से अपील करेगा, वहीं मौजूदा कार्यकारिणी नए सदस्यों से सदस्यता शुल्क लेना आज से शुरू कर देगी।
