राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश के बाद हुआ हमले में अब तक 24 लोगों की मौत
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश के बाद हुआ हमले में अब तक 24 लोगों की मौत
अमेरिका,अमेरिका ने यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य हमला किया है। यह हमला पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश के बाद हुआ, जिसमें अमेरिकी लड़ाकू विमानों और ड्रोन ने हूती ठिकानों को निशाना बनाया। इस हमले में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
हमले का कारण और ट्रंप का आदेश
सूत्रों के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने हाल ही में रेड सी (लाल सागर) में अमेरिकी और सहयोगी देशों के जहाजों पर कई बार हमले किए, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर संकट खड़ा हो गया था। इसके जवाब में, डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिकी सेना को विद्रोहियों पर हमला करने का आदेश दिया।
ट्रंप प्रशासन ने इसे “रक्षात्मक हमला” करार दिया और कहा कि हूती विद्रोहियों द्वारा समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने की वजह से यह कार्रवाई जरूरी थी।
हवाई हमले का प्रभाव
हूती विद्रोहियों के कई सैन्य ठिकाने तबाह हुए
हवाई अड्डों और हथियार डिपो को भारी नुकसान
विद्रोही कमांडरों समेत 24 से अधिक लोगों की मौत
हूती विद्रोहियों ने अमेरिका को “गंभीर परिणाम” भुगतने की चेतावनी दी
हूती विद्रोहियों की प्रतिक्रिया
हूती विद्रोहियों ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि अमेरिका ने यमन की संप्रभुता का उल्लंघन किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि वे अमेरिकी जहाजों और ठिकानों पर और हमले करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र और कई अन्य देशों ने इस हमले को लेकर चिंता जताई है। कुछ देशों ने अमेरिका के इस कदम का समर्थन किया, जबकि कुछ ने इसे “तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई” बताया।
निष्कर्ष
यमन में यह हमला क्षेत्रीय संघर्ष को और बढ़ा सकता है। हूती विद्रोही पहले ही अमेरिकी और सहयोगी देशों के जहाजों को निशाना बना रहे थे, और अब इस हमले के बाद उनकी जवाबी कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है। आने वाले दिनों में इस संघर्ष का असर मध्य पूर्व की स्थिरता और वैश्विक व्यापार पर भी पड़ सकता है।
