श्रमिक नेता एएल दत्ता के मरणोपरांत उनका मृत शरीर मानवता की भलाई के लिए चिकित्सा अध्ययन हेतु किया दान
श्रमिक नेता एएल दत्ता के मरणोपरांत उनका मृत शरीर मानवता की भलाई के लिए चिकित्सा अध्ययन हेतु किया दान
भिलाई,बीएसपी के श्रमिक नेता रहे एएल दत्ता के मरणोपरांत उनका मृत शरीर मानवता की भलाई के लिए चिकित्सा अध्ययन हेतु दान किया गया। मकान नंबर 15 डी, सेक्टर 7 स्ट्रीट 30 निवासी अमृत लाल दत्ता ने अपनी पत्नी इला दत्ता के साथ 27 अक्टूबर 2020 को प्रनाम के अध्यक्ष पवन केसवानी के माध्यम से देहदान का संकल्प लिया गया था। जिनके निधन के पश्चात उनका मृत शरीर शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज के मेडिकल स्टूडेंट के अध्ययन हेतु परिजनों की सहमति से दान किया गया। गत वर्ष मई में उनकी पत्नी इला दत्ता की पार्थिव काया भी चिकित्सा अध्ययन हेतु दान की गई थी। देहदानी स्व. एएल दत्ता के परिजनों द्वारा उनके निधन की सूचना पर पवन केसवानी द्वारा देहदान की औपचारिकताएं संपन्न करवाई गई।
देहदान के पूर्व एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें देहदानी एएल दत्ता के पुत्र अनिर्बन दत्ता, सुबर्णा रायचौधरी,सुशील रायचौधरी,पवन केसवानी,देवेन्द्र लहरी,अर्चना नागचौधरी,माला दत्ता,सुपर्णा कुंडू,गौतम कुंडू के अलावा श्रमिक नेता एस.पी.डे ,ए के भौमिक,यल्ला राव,डीवीएस रेड्डी,डी व्ही. एस. रेड्डी, अशोक खाताकर, जी.वेंकट, अर्चना ध्रुव, जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी, राम निहोर, एल्ला राव, सुभद्रा रॉय चौधरी, आदि प्रबुद्धजनों ने देहदान के पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता प्रदान की। प्रनाम द्वारा 2008 से लगातार देहदान एवं नेत्रदान जैसे अनेक मानवसेवार्थ कार्य किए जा रहे हैं। इस दौरान 2132 प्रबुद्धजनों को देहदान हेतु प्रेरित किया गया जिनमें 231 लोगों के मरणोपरांत उनकी पार्थिव काया छत्तीसगढ़ के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल की भलाई के लिए समर्पित की गई। प्रनाम के देहदान और अंगदान के अभियान से जुड़ने के लिए संपर्क किया जा सकता है।
