October 5, 2026

कांग्रेस का मशाल मार्च, कथित वोट चोरी के खिलाफ सड़क पर उतरे कार्यकर्ता

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हरियाणा: हरियाणा के जगाधरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित ‘वोट चोरी’ के विरोध में मशाल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। हाथों में जलती मशालें लेकर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में मतदाता के वोट की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और किसी भी तरह की गड़बड़ी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

मशाल मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे और बैनर हाथों में लेकर नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई सवालों का जवाब सरकार और चुनावी तंत्र को देना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता के मताधिकार की रक्षा करना सभी राजनीतिक दलों और संवैधानिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है।

‘वोट चोरी’ के आरोप को लेकर प्रदर्शन

कांग्रेस लंबे समय से चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची में गड़बड़ी के मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधती रही है। पार्टी का कहना है कि यदि मतदाता सूची में गलत तरीके से नाम जोड़े या हटाए जाते हैं, तो इसका सीधा असर चुनाव के नतीजों और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पड़ सकता है। जगाधरी में आयोजित मशाल मार्च में शामिल नेताओं ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार चुनने का अधिकार सीधे जनता के वोट से जुड़ा है। ऐसे में वोट से संबंधित किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मतदाताओं को स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए।

सरकार से जवाब की मांग

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर सरकार से जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव से जुड़े सवालों को नजरअंदाज करने के बजाय उनका समाधान सार्वजनिक रूप से किया जाना चाहिए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि मशाल मार्च केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाने का माध्यम है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता आने वाले दिनों में भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।

सियासी माहौल गरमाने के संकेत

जगाधरी में कांग्रेस के इस प्रदर्शन के बाद हरियाणा की राजनीति में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर बहस और तेज होने के संकेत हैं। कांग्रेस जहां कथित वोट चोरी को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना रही है, वहीं सत्ता पक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताता रहा है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोप राजनीतिक आरोप हैं। इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित चुनावी रिकॉर्ड और सक्षम संस्थाओं की जांच जरूरी होगी। मशाल मार्च के जरिए कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि वह मतदाता अधिकार और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे को आने वाले समय में भी जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।